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अनस बिन मालिक- रज़ियल्लाहु अन्हु- कहते हैं कि अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमायाः "मैंने तुम्हें मिसवाक के प्रति बहुत ज़्यादा कहा है।"
सह़ीह़ - इसे बुख़ारी ने रिवायत किया है।
दस कार्य प्राकृतिक हैं; मूँछ काटना, दाढ़ी बढ़ाना, मिसवाक करना, नाक में पानी चढ़ाना, नाखून काटना, जोड़ों को धोना, बगल के बाल उखेड़ना, पेड़ू के बाल साफ़ करना और पानी से पेशाब एवं शोच करने के बाद सफाई करना...
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम जब रात में सोकर उठते, तो अपने मुँह को मिसवाक से रगड़कर साफ़ करते।...
मैं नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास उस समय पहुँचा, जब आप एक ताज़ा मिसवाक से दाँत साफ़ कर रहे थे। वह कहते हैंः मिसवाक का एक किनारा आपकी ज़ुबान पर था और आप उसे मुँह में लेकर ओ, ओ कर रहे थे। ऐसा प्रतीत हो रहा था, जैसे आप उलटी कर रहे हों।...
मूँछें कतरवाओ और दाढ़ी बढ़ाओ।