जिसने खजूर के मूल्य के बराबर भी कोई हलाल चीज़ दान की, जो मिलावट एवं धोखाधड़ी से पवित्र हो, हालाँकि अल्लाह केवल स्वच्छ एवं हलाल वस्तु ही को ग्रहण करता है, तो उसे अल्लाह अपने दाएँ हाथ से ग्रहण करता है। ज्ञात हो कि दाएँ हाथ से ग्रहण करने की बात उसी तरह मान ली जाएगी, जैसे बयान हुई है। पवित्र एवं महान अल्लाह यह काम अपने प्रताप एवं महिमा के अनुरूप करेगा। हम हदीस के इन शब्दों तथा इनके अर्थ से कोई छेड़छाड़ नहीं करेंगे। ज्ञात हो कि यहाँ ग्रहण करने से मुराद दान करने वाले से लेना है, जैसा कि मुस्लिम की रिवायत में है। फिर उसे अल्लाह उसी प्रकार बढ़ाता और उसके प्रतिफल को गुना दर गुना बढ़ाता रहता है, जैसा तुममें से कोई अपने घोड़े का लालन-पालन करता है, यहाँ तक कि वह बड़ा हो जाता है।