अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने मदीने के एक दुर्ग के ऊपर के एक ऊँचे स्थान से देखा और अपने साथियों से कहा : क्या तुम वह देख रहे हो, जो मैं देख रहा हूँ? मैं देख रहा हूँ कि फ़ितने तुम्हारे घरों के बीच इस तरह उतर रहे हैं, जैसे भीषण वर्षा हो रही हो। इसके ज़रिए दरअसल इशारा है मदीने में होने वाले युद्धों तथा वहाँ सामने आने वाले फ़ितनों जैसे उसमान -रज़ियल्लाहु अनहु- की शहादत की घटना और हर्रा की घटना आदि की ओर।