उक़बा बिन हारिस -रज़ियल्लाहु अनहु- ने उम्म-ए-यहया बिंत अबू इहाब से शादी की, तो एक कालीकलूटी दासी आई और कहने लगी कि उसने उनको और उनकी पत्नी दोनों को दूध पिलाया है। इस तरह, दोनों दूध भाई बहन हो गए। उक़बा -रज़ियल्लाहु अनहु- ने उस दासी के दावे का ज़िक्र अल्लाह के रसूल के सामने किया और कहा कि वह अपने दावे में झूठी है, तो आपने उस दासी की गवाही के बावजूद उक़बा की अपनी पत्नी के साथ रहने की चाहत का खंडन करते हुए कहा : तुम्हारी यह इच्छा कैसे पूरी हो सकती है, जबकि उस दासी ने इस तरह का दावा कर दिया है और जो कुछ जानती है, उसकी गवाही दे दी है?