अली बिन अबू तालिब (रज़ियल्लाहु अंहु) ने इच्छा जताई कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) उनके तथा आपके चचा हमज़ा (रज़ियल्लाहु अंहु) की बेटी से शादी कर लें। परन्तु, आपने उन्हें बताया कि वह आपके लिए हलाल नहीं है; क्योंकि वह आपके दूध शरीक भाई की बेटी है। आप (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) और आपके चचा हमज़ा (रज़ियल्लाहु अंहु) ने अबू लहब की मुक्त की हुई दासी सुवैबा का दूध पिया था। इस तरह हमज़ा (रज़ियल्लाहु अंहु) आपके दूध शरीक भाई हुए और उनकी पुत्री आपकी भतीजी हुई। क्योंकि दूध से भी वह रिश्ते हराम हो जाते हैं, जो नसब से हराम होते हैं।