आइशा (रज़ियल्लाहु अंहा) कहती हैं कि एक व्यक्ति ने अपनी स्त्री को तीन तलाक़ दे दिया और एक अन्य व्यक्ति ने उससे निकाह कर लिया। परन्तु उसने भी उसके साथ संभोग करने से पहले उसे तलाक़ दे दिया। ऐसे में, उसके पहले पति ने उससे निकाह करने की मंशा जताई। लेकिन जब अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) से इसके बारे में पूछा गया, तो आपने फ़रमायाः "नहीं, ऐसा उस समय तक नहीं हो सकता, जब तक पहले पति की तरह दूसरा पति भी उसका मज़ा न चख ले।" सह़ीह़ - इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।