अबू क़तादा (रज़ियल्लाहु अनहु) कहते हैं कि उन्होंने अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को फ़रमाते हुए सुना: ख़रीद- बिक्री में अधिक क़सम खाने से बचो, क्योंकि कसम सामान बेचवाकर मुनाफ़ा सामयिक रूप से बढ़ा तो देती है मगर फिर घटा भी देती है। सह़ीह़ - इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है।