अबू राफ़े -रज़ियल्लाहु अन्हु- से मरफ़ूअन वर्णित है : "जो किसी मृतक को ग़ुसल दे और उसके ऐबों को छुपाए, अल्लाह उसे चालिस बार क्षमा करता है।" सह़ीह़ - इसे बैहक़ी ने रिवायत किया है। - इसे ह़ाकिम ने रिवायत किया है। - इसे तबरानी ने रिवायत किया है।