ज़हदम बिन मुजर्रिब जरमी कहते हैं कि वह और कुछ लोग अबू मूसा अशअरी -रज़ियल्लाहु अनहु- के पास बैठे हुए थे। इसी बीच उन्होंने दस्तरखान मंगवाया। दस्तरखान लाया गया, तो उसमें मुर्गी का मांस था। इतने में बनी तैमुल्लाह का एक व्यक्ति अंदर आया, जो लाल रंग का था और ग़ैरअरब की तरह दिख रहा था। अबू मूसा -रज़ियल्लाहु अनहु- ने उसे खाने के लिए बुलाया, तो वह हिचकिचाया और शरीक होने से इनकार कर दिया। यह देख अबू मूसा -रज़ियल्लाहु अनहु- ने उससे कहा : मैंने अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को इसे खाते हुए देखा है।