मोमिनों की माता आइशा -अल्लाह उनसे प्रसन्न हो- यहाँ बता रही हैं कि नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- रात में वित्र किस वक़्त पढ़ा करते थे। उनका कहना है कि इसमें किसी विशेष समय की कैद नहीं थी। आप रात के हर भाग में वित्र पढ़ते थे। कभी शुरू में पढ़ लेते, जब इशा की नमाज़ पढ़ते या उसके कुछ देर बाद। कभी रात के बीच में प्रथम तिहाई गुजरने के पश्चात और कभी रात के अंतिम भाग में उसका दो तिहाई गुज़र जाने के बाद से लेकर अंतिम क्षणों तक।