अबूज़र -रज़ियल्लाहु अनहु- की इस हदीस में अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने बताया है कि अल्लाह तआला की कुर्सी, जो अपने स्थान पर भव्य एवं विशाल है, वह अर्श की तुलना में ऐसी है, जैसे किसी बहुत बड़े मैदान में एक लोहे का कड़ा पड़ा हो। दरअसल, यह इस कायनात के रचयिता और उसके अनंत सामर्थ्य का एक प्रमाण है।