النشرة' (अल-नुशरा) का अर्थ है, जादू का उपचार। हसन बसरी के इस कथन से मालूम होता है कि जादू का इलाज सिरे से वर्जित है, क्योंकि उनके अनुसार जादू का उपचार वही कर सकता है, जिसके पास जादू का ज्ञान हो और जादू के ज़रिए जादू का इलाज शैतानी अमल है। लेकिन इब्न अल-क़य्यिम ने इस विषय पर विस्तारपूर्वक लिखा है, जिसका सार यह है कि जायज़ दवाओं द्वारा तथा क़ुरआन की आयतों को पढ़कर उसका इलाज किया जा सकता है। हाँ, जादू द्वारा उसका उपचार हराम है।