अबू हुरैरा- रज़ियल्लाहु अन्हु- कहते हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः जिसने सूर्य के पश्चिम से उदय होने से पहले तौबा कर ली, अल्लाह उसकी तौबा को ग्रहण करेगा।
सह़ीह़ - इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है।
इस हदीस से मालूम हुआ कि पवित्र एवं उच्च अल्लाह अपने पापी बंदे की तौबा उस समय तक ग्रहण करेगा, जब तक सूरज अपने अस्त होने के स्थान उदय न हो जाए। क्योंकि यही तौबा ग्रहण होने के समय का अंतिम समय है और यह क़यामत की बड़ी निशानियों में से एक है।