जाबिर बिन अब्दुल्लाह -अल्लाह उनसे प्रसन्न हो- कहते हैं कि अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने नज्जाशी की गायबाना नमाज़-ए-जनाज़ा पढ़ी और वह ख़ुद भी नमाज़ पढ़ने वालों में शामिल थे, किन्तु उन्हें याद नहीं रहा कि वह दूसरी पंक्ति में थे अथवा तीसरी पंक्ति में? लेकिन यह उस समय कहा जाएगा, जब संदेह स्वयं उन्होंने ही व्यक्त किया हो, किसी वर्णनकर्ता ने नहीं।