अली -रज़ियल्लाहु अन्हु- से रिवायत है, वह कहते हैं कि मैंने नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को नहीं देखा कि साद के बाद किसी पर अपने माँ-बाप को न्योछावर किया हो। मैंने आपको कहते हुए सुना हैः "तुम तीर चलाओ, तुम पर मेरे माँ-बाप फ़िदा हों।"
सह़ीह़ - इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।