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अबू उमामा (रज़ियल्लाहु अंहु) कहते हैं कि मैंने अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को फ़रमाते हुए सुनाः "क़ुरआन पढ़ो; क्योंकि क़ुरआन क़यामत के दिन अपने पढ़ने वालों के लिए सिफ़ारिशी बनकर आएगा।"
सह़ीह़ - इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है।
काफ़िर जब कोई अच्छा काम करता है, तो उसके बदले में उसे दुनिया में रोज़ी दे दी जाती है, लेकिन जहाँ तक मोमिन की बात है, तो उसकी नेकियों को अल्लाह उसकी आख़िरत के लिए जमा रखता है और उसके आज्ञापालन के कारण उसे दुनिया में रोज़ी भी प्रदान करता है...
अल्लाह तआला क़यामत के दिन कहेगाः मेरे प्रताप के कारण एक-दूसरे से प्रेम करने वाले कहाँ हैं? आज मैं उन्हें अपनी छाया में जगह दूँगा, जबकि मेरी छाया के अतिरिक्त कोई छाया नहीं है।...
क्या मैं तुम्हें जन्नत जाने वालों के विषय में न बताऊँ? प्रत्येक कमज़रो एवं विनम्र व्यक्ति, जो अल्लाह पर क़सम उठा ले, तो अल्लाह उसकी क़सम की लाज रख ले। क्या मैं तुम्हें जहन्नम जाने वालों के विषय में न बताऊँ? प्रत्येक क्रूर अशिष्ट, कंजूस एवं ...
पुल सिरात को जहन्नम के ऊपर रखा जाएगा, जिसपर ऐसे काँटे लगे होंगे, जैसे सादान पौधे में होते हैं। फिर लोग उससे होकर गुज़रेंगे, तो कोई सही-सलामत नजात पा जाएगा, कोई खरोंच के साथ पार हो जाएगा और कोई रोक दिया जाएगा और मुँह के बल जहन्नम में गिरा दि...