इस हदीस से साबित होता है कि सुलतान के आदेशों का अनादर करना हराम है। क्योंकि ऐसा करने वाले को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा गया है कि उसे अल्लाह दुनिया एवं आख़िरत में अपमानित करेगा। क्योंकि इन्सान को प्रतिफल भी उसी प्रकार का दिया जाता है, जिस प्रकार का उसका कर्म होता है।