अम्र बिन शुऐब से वर्णित है, वह अपने पिता से वर्णन करते हैं, तथा वह अपने दादा से रिवायत करते हैं कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया : “अल्लाह के समीप सबसे बड़ा सर्कश (विद्रोही) वह व्यक्ति है, जो अल्लाह के हरम में कत्ल करे, अथवा अपने क़ातिल के सिवा किसी और को कत्ल करे, या जाहिलियत की दुश्मनी का बदला लेते हुए क़त्ल करे।”
ह़सन - इसे इब्ने ह़िब्बान ने रिवायत किया है । - इसे बुख़ारी ने रिवायत किया है। - इसे अह़मद ने रिवायत किया है।