मालिक बिन हुवैरिस (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत है कि रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) जब तकबीर (अल्लाहु अकबर) कहते, तो अपने दोनों हाथों को कानों के बराबर उठाते और जब रुकू करते, तो अपने दोनों हाथों को कानों तक उठाते। और जब रुकू से सिर उठाते, तो कहते : «سَمع الله لِمَن حَمِده» (अल्लाह ने उसकी सुन ली, जिसने उसकी प्रशंसा की) और उसी प्रकार करते।
सह़ीह़ - इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है।