आइशा (रज़ियल्लाहु अंहा) का वर्णन है कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः "अच्छे चाल-ढाल वाले लोगों की त्रुटियों को क्षमा करो, सिवाय शरई हदों के।" सह़ीह़ - इसे अबू दाऊद ने रिवायत किया है। - इसे अह़मद ने रिवायत किया है।