फ़ज़ारा क़बीले के एक व्यक्ति के यहाँ एक बच्चा पैदा हुआ, जिसका रंग उसके माता-पिता के रंग से अलग था। अतः, उसके दिल में कुछ शंका पैदा हुई। वह नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के पास अपनी पत्नी पर लांछन लगाने के उद्देश्य से आया और बताया कि उसके एक कालाकलूटा पच्चा पैदा हुआ है। नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- उसकी मंशा समझ गए। इसलिए, उसकी संतुष्टि एवं उसके भ्रम को दूर करने के लिए एक उदाहरण दिया, जो उसको अच्छी तरह समझ में आ सकता था। उनसे कहा : क्या तुम्हारे पास ऊँट हैं? उसने कहा : हाँ। फ़रमाया : उनका रंग कैसा है? कहा : लाल। फ़रमाया : क्या उनमें से किसी ऊँट का रंग आम ऊँटों से अलग खाकी भी है? कहा : हाँ। फ़रमाया : फिर यह अलग रंग कहाँ से आ गया? उसने कहा : संभवतः ऐसा अनुवांशिक कारणों सो हुआ होगा। आपने खहा : शायद तुम्हारा बेटा भी अनुवांशिक कारणों से कालाकलूटा पैदा हुआ होगा। हो सकता है कि तुम्हारे बाप-दादों में से कोई काला रहा हो और उसी के कारण तुम्हारा बेटा काला हुआ हो। इस उपयुक्त उदाहरण से वह संतुष्ट हो गया और उसका भ्रम भी दूर हो गया।