उम्मे हफ़ीद बिन्त हारिस अर्थात हुज़ैला बिंत हारिस -रज़ियल्लाहु अनहा- अपनी बहन मैमूना -रज़ियल्लाहु अनहा- के पास कुछ सौगात लेकर उनके दर्शन को आईं, जिसमें एक सांडा भी शामिल था। खाने में मैमूना -रज़ियल्लाहु अनहा- के भांजे लोग शरीक हुए। खालिद उनकी बहन के बेटे थे और मैमूना -रज़ियल्लाहु अनहा- उनकी खाला थीं। इसी तरह वह अब्दुल्लाह बिन अब्बास और फ़ज़्ल बिन अब्बास की भी खाला थीं। जब खाना लगाया गया और नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने मांस की ओर हाथ बढ़ाया, तो घर में उपस्थित कुछ महिलाओं ने कहा कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को बता दो कि यह क्या है। चुनांचे आपसे कहा गया कि यह सांड़े का मांस है, तो आपने हाथ उठा लिया और नहीं खाया। यह देख खालिद -रज़ियल्लाहु अनहु- ने कहा : ऐ अल्लाह के रसूल, क्या यह हराम है? आपने उत्तर दिया : नहीं, परन्तु यह मेरी जाति की धरती में नहीं होता। अतः, मुझे इससे घिन आती है। खालिद -रज़ियल्लाहु अनहु- कहते हैं : इसपर मैंने उसे अपनी ओर खींचा और खा लिया और नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- सब कुछ देखते रहे।