आइशा (रज़ियल्लाहु अंहा) कहती हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः "एक दो बार दूध पीने से हुरमत सिद्ध नहीं होती।" सह़ीह़ - इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है।