अब्दुल्लाह बिन मसऊद (रज़ियल्लाहु अनहु) कहते हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया: अल्लाह के कुछ फ़रिश्ते हैं, जो धरती में घूमते फिरते हैं। वे मुझे मेरी उम्मत का सलाम पहुँचाते हैं। सह़ीह़ - इसे नसाई ने रिवायत किया है। - इसे अह़मद ने रिवायत किया है। - इसे दारिमी ने रिवायत किया है।
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व्याख्या

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